पैगम्बर मोहम्मद ने नवजात शिशु के मुँह में थूक दिया : Prophet Mohammad spits in new born’s mouth

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कितना अच्छा लगेगा आपको सुनने में के किसी आदमी ने एक नवजात शिशु के मुँह में थूंक दिया? मैं इस पोस्ट के लिए गूगल पर इमेज सर्च कर रहा था जिसमे एक आदमी बच्चे के मुँह में थूंक रहा हो | पर गूगल में भी अपने आप को पैगम्बर कहने वाले से ज्यादा शिष्टता है और मुझे ऐसी कोई इमेज नहीं मिल पायी |

यह बड़ी आम बात थी की लोग अपने नवजात शिशु को पैगम्बर मोहम्मद के पास ले कर जाते थे ताकि वो उनपर कोई आसमानी रेहमत उतर सके | अबू मूसा ने सहीह अल बुखारी में कहा:

“मुझे एक लड़का हुआ और मैं उसे पैगम्बर के पास ले गया जिह्नोने उसके नाम इब्राहिम रखा, उस पर एक खजूर के साथ तेहनीक की, अल्लाह को उससे रेहमत फरमाने को कहा और मुझे लौटा दिया | (ये अबू मूसा के बड़े बेटे थे)” [सहीह अल बुखारी ७:६६:३७६]

तो पैगम्बर साहिब तेहनीक फरमाते थे एक खजूर के साथ और बच्चों को रेहमत फरमाते थे | यह उनके यहां का रिवाज था | पर इस रिवाज पर भी उनके अंदर के इंसान की असलियत एक बार सामने आयी | आइशा (मोहम्मद की शिशु बीवी) सहीह अल बुखारी में फरमाती हैं:

“तेहनिक के लिए एक नवजात लड़के को लाया गया, पर उस शिशु ने उन पर पेशाब कर दिया, जहां मोहम्मद साहिब ने पानी डाल दिया |” [सहीह अल बुखारी ७:६६:३७७]

यह उस छोटे से बच्चे का अपराध था | उसने सर्वशक्तिमान अल्लाह से प्रेरित इंसान पर पेशाब कर दिया | क्या यह इतनी अजीब बात है, वो भी उस समय जब बेबी diapers नहीं हुआ करते थे, के नवजात शिशु पेशाब कर सकते हैं? पर इसके बाद जो पैगम्बर साहिब ने किया वो घ्रणायोग है | अस्मा बिन्त अबू बक्र सहीह अल बुखारी में कहते हैं:

“मुझे “अब्दुल्लाह बिन अज-जुबैर” नाम का लड़का होने वाला था मक्का में और मैं उसके जन्म के वक़्त मक्का से बाहर चला गया | मैं मदीना आया क्यूबा में रहा जहां उसका जन्म हुआ | तो मैं बच्चे को अल्लाह के संदेशक के पास लेकर गया जिन्होंने उन्हें अपनी गोद में लिया | उन्होंने एक खजूर मंगवाया और उसे चबा लिया, और अपनी थूंक बच्चे के मुँह में डाल दी | तो बच्चे के पेट में सबसे पहले जानी वाली चीज़ पैगम्बर साहिब की थूंक थी | तब उन्होंने खजूर से तेहनीक की और अल्लाह की रेहमत फ़रमाई |” [सहीह अल बुखारी ७:६६:३७८]

तो बच्चे के पेट में पहली जानी वाली चीज़ पैगम्बर साहिब की थूंक थी | ऐसा भी नहीं है के ऐसा कोई इस्लाम में रिवाज़ हो क्योंकि ऐसा कुछ भी कुरान में नहीं देखने मिलता | पर अल्लाह के सन्देशवादक को कोई कैसे पूछ सकता था ?

इस पोस्ट के बारे में अपनी राय निचे कमेंट्स में दें |

How disgusting it sounds when a grown man spits into the mouth of a new born baby? I was searching for an image on google where a man spits into the mouth of a new born baby. Even Google has more virtues than some people who claim prophet-hood. It didn’t give me a single result.

It was a common practice for people to bring their newly born children to Prophet Mohammad so that he can perform some divine blessings upon the child. Narrated by Abu Musa in Sahih Al Bukhari, it says:

“A son was born to me and I took him to the Prophet who named him Ibrahim, did Tahnik for him with a date, invoked Allah to bless him and returned him to me. (The narrator added: That was Abu Musa’s eldest son.)” [Sahih Al Bukhari 7:66:376]

So Prophet used to perform Tahnik with a date and invoke Allah to bless the child. That was a usual course of the ceremony. But it was until something happened to Prophet Mohammad, which brought out the true self of his into public. Aisha (the infant wife of Mohammad) narrates in Sahih Al Bukhari, which says:

“A boy was brought to the Prophet to do Tahnik for him, but the boy urinated on him, whereupon the Prophet had water poured on the place of urine.” [Sahih Al Bukhari 7:66:377]

This was the offence of the child. He urinated on the almighty Allah’s Apostle. Is it such an uncommon thing when you pick up a child, and that too in times when there was no diapers for babies, that they may urinate? But what what Prophet did in response to this was disgusting at least. Asma’ bint Abu Bakr narrates in Sahih Al Bukhari as follows:

“I conceived ‘Abdullah bin AzZubair at Mecca and went out (of Mecca) while I was about to give birth. I came to Medina and encamped at Quba’, and gave birth at Quba’. Then I brought the child to Allah’s Apostle and placed it (on his lap). He asked for a date, chewed it, and put his saliva in the mouth of the child. So the first thing to enter its stomach was the saliva of Allah’s Apostle. Then he did its Tahnik with a date, and invoked Allah to bless him.” [Sahih Al Bukhari 7:66:378]

So THE FIRST THING to enter a newborn’s stomach was the saliva of Allah’s Apostle. Not that putting saliva in a child’s mouth is an Islamic tradition since it doesn’t find any place in Quran. But who could question such an act of Allah’s own messenger?

Please write down in comments how you feel about this incident.

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